गुरुवर श्री तुलछारामजी महाराज पधारे ग्राम देवडा हुआ भव्य सभा का आयोजन!!
राजपुरोहित BLOG पर पधारे हुए सभी समाज बन्धुओ का सुगना फाउंडेशन मेघलासिया परिवार हार्दिक अभिनन्दन व् सुवागत करता है! http://rajpurohitsamaj-s.blogspot.com Email: sawaisinghraj007@gmail.com
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मंगलवार, 20 दिसंबर 2016
बुधवार, 30 नवंबर 2016
आसोतरा में राजपुरोहित बालिका संस्कार शिविर में 1600 बालिकाओ ने भाग लिया
दिनांक 27/11/2016 को ब्रह्मधाम आसोतरा में राजपुरोहित बालिका संस्कार शिविर में 1600 बालिकाओ ने भाग लिया । यह एक शुभ संकेत है कि आने वाला समय एक सुशिक्षित व संस्कारित समाज से परिपूर्ण होगा । परमपूज्य गुरुदेव वेदांताचार्य श्री ध्यानाराम जी महाराज के सानिध्य में सम्पन इस शिविर में बालिकाओ को आदर्श नारी उसके कर्तव्य व जिम्मेदारी का बोध कराया गया । श्री खेतेश्वर आदर्श उच्च माध्यमिक विधालय मायलावास ने अपने सामाजिक सरोकारों के तहत सिवाना क्षेत्र के रमणिया,मायलावास, अर्थण्डी,लुदराड़ा ,मवड़ी व सिवाना क्षेत्र की 200 बालिकाओ को इस शिविर में भाग लेने को प्रेरित कर उनके परिवहन का दायित्व निभाया।
सिलोर गांव की ऐतिहासिक पहल । पहली बार हुए बालिका शिविर में भाग लिया गांव की 71 बहनो ने । आसोतरा में हुए शिविर में सभी 1618 बहनो को भोजन करवाने का ज़िम्मा भी पूज्य गुरुदेव श्री डॉ ध्यानाराम जी महाराज ने दे रखा था सिलोर की बहनो को , सभी ने बखूबी निभाई ज़िम्मेदारी बढ़ाया गांव का गौरव । बहनो की टीम का नेतृत्व किया परमेश्वरी सुपुत्री जोगसिंह जी, अनीता सुपुत्री बाबूसिंह जी और सरोज सुपुत्री श्री जेठू सिंह जी ने । पुरे समाज में गया सुंदर सन्देश ।
डॉ जोगेन्द्र सिंह ने उपस्थित 1618 बहनो और समाज के सामने व्यक्तित्व विकास पर रखा अपना उदबोधन और बढ़ाया सिलोर का गौरव ।
मुझे प्रथम बार बालिकाि शिविर मे भाग लेने का परम सौभाग्य मिला बहुत अच्छा लगा पुरे शिविर मे एक बात बहुत अच्छी लगी वो थी हर बार विश्व शान्ति प्रार्थनाा गुरु श्री ध्यानाराम जी महाराज के श्रीमुख से....आसोतरा से सवाई सिहं (आगरा) सदस्य सुगना फाउंडेशन मेघलासियां
सर्वे भवन्तु सुखिन:।।
सर्वे सन्तु निरामया:।।
सर्वे भद्राणी पश्यन्तु:।।
मॉ कश्चिप दु:खभाग भवेत।।
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||सुखी रहे संसार दुखीया न रहे कोई||
||धन धान्य भरपुर रहे रोग दोष ना होई||
||प्रेम भाव मन मे भरेद्वेष करे ना कोई||
||गुरु चरण सेवा करे मन भगवन मे होई||
🙏 जय दाता री सा 🙏
बुधवार, 14 सितंबर 2016
श्रीतुलछाराम जी महाराज का कल मनाया जाएगा जन्मदिन...सुगना फाउंडेशन
श्री ब्रह्मा सावित्री सिद्ध पीठाधीश्वर श्री तुलछाराम महाराज जी का चातुर्मास व्रत उत्सव,ब्रह्म सरोवर पर(श्रीब्रम्हाजी का मंदिर आसोतरा) में चल रहा है कल मनाया जाएगा गुरू महाराज का जन्मदिन आप सभी समाज बन्धुओ जरूर प्रधारे सुगना फाउंडेशन मेघलासियां
न्युज by भाई श्री एस पी सिहं राजपुरोहित सदस्य सुगना फाउंडेशन मेघलासियां
श्रीखेतेश्वर ब्रह्मधाम आसोतरा
सम्पर्क सुत्र Mob No. 09001000071
अधिक जानकारी के लिए पढ़े
RAJPUROHIT SAMAJ INDIA
गुरुवार, 15 मई 2014
RAJPUROHIT SAMAJ: Rajpurohit ko अल्प संख्यक बनने से क्या लाभ होगा ?
यदि हमारा प्रयास आपको पसंद आये तो फालोवर(Join this site)अवश्य बने. साथ ही अपने सुझावों से हमें अवगत भी कराएँ. यहां तक आने के लिये सधन्यवाद.... आपका सवाई सिंह राजपुरोहित
सोमवार, 27 जनवरी 2014
RAJPUROHIT SAMAJ: जगत पिता श्री ब्रह्मा जी व ब्रहमधाम आसोतरा
यदि आपके पास "राजपुरोहित समाज" से जुडी कोई भी जानकारी या राजपुरोहित समाज की धार्मिक, सांस्क्रतिक और सामाजिक न्यूज या प्रोग्राम की फोटो और विडियो का संकलन हो तो, आप भी हमें मेल द्वारा प्रेषित करें! , उसे हम इस ब्लाग में प्रकाशित करेगे! आपका यह प्रयास "राजपुरोहित समाज" के लिए महत्त्वपूर्ण कदम होगा।...सवाई सिंह राजपुरोहित (आगरा) Email: sawaisinghraj007@gmail.com , http://rajpurohitsamaj-s.blogspot.in , Phone: 09286464911,
रविवार, 15 जुलाई 2012
Brahma Temple
![]() |
| || GURUR BRAHMÁ, GURUR VIŠNÚ GURUR DÉVÓ MAHÉŠVARA || || GURUR SAKŠÁT PARABRAHMA TASMAI ŠRÍ GURAVÉ NAMAH || |
Shree Brahmaji Mandir, Shree Kheteshwer Brahamdham Tirth, Aasotra, District-Badmer,
Rajasthan-344022.
सोमवार, 9 जुलाई 2012
Historical development as a community Rajpurohit

Current Rajpurohits as a community living in the state of Rajasthan in India. Rajpurohit ancient warrior or ruling of the sub-castes, each with more than 200 are connected. Some of them Raythla, Sevd, Cwandia, Sia, Jagrwal, Udesh, manana, Mutha, Sodha, Rajguru, Rajagur of Rajagar / Rigur Raygr, Paliwal, Gundecha, Sntua, Panclod, Sidp / Udesh औdicya, are Dudwat, Trombkoti Balwasa / Blocha, Ridwa, Aboti, Joshi, diameter, Podharwal, Faँdr, Daviyl, Kevnchha, saffron, Baklia, Makwana Ojha,The sub - species individually in each of the Kshatriya clan Rajpurohit (Royal guards / priests) were the descendants of various ancient sage. As a general practice of those times Rajpurohit different tribe associated with the marriage relationship between the families was common place. Desimeted state and is built over time but these Brahmins were woven together in the community Rajpurohit name. Rajpurohit Brahmins as a community / Mediwal the royal guards and a group of priests at a Hindu Kingdom. In the last few centuries, the feudal structure Rajpurohits in Rajasthan from time to time grant of villages known as Jagirs rulers were Inkulketed. As a result, the traditional way of living and customs came closer to the Rajputs.





